नाडा महानिदेशक नवीन अग्रवाल का बड़ा ऐलान, लॉकडाउन में ऑनलाइन होगी डोपिंग रोधी सुनवाई
नाडा महानिदेशक ने बताया कि कोरोना लॉकडाउन में ऑनलाइन डोपिंग रोधी सुनवाई होगी।अग्रवाल ने कहा, ‘‘हम आठ मई से ऑनलाइन सुनवाई शुरू करेंगे। डोपिंग रोधी अनुशासनात्मक पैनल (एडीडीपी) और डोपिंग रोधी अपीली पैनल (एडीएपी) दोनों लंबित मामलों की सुनवाई करेंगे।
नयी दिल्ली। राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) महानिदेशक नवीन अग्रवाल ने बुधवार को कहा कि कई साजो-सामान संबंधित चुनौतियों के बावजूद संस्था शुक्रवार से अनुशासनात्मक सुनवाई ऑनलाइन करना शुरू करेगी ताकि देशव्यापी लॉकडाउन के कारण मामले इकट्ठे नहीं हों। कोविड-19 महामारी को रोकने के लिये लगे लॉकडाउन के कारण नाडा की सुनवाई नहीं हो पा रही है। अग्रवाल ने कहा, ‘‘हम आठ मई से ऑनलाइन सुनवाई शुरू करेंगे। डोपिंग रोधी अनुशासनात्मक पैनल (एडीडीपी) और डोपिंग रोधी अपीली पैनल (एडीएपी) दोनों लंबित मामलों की सुनवाई करेंगे। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘पिछले साल, इन्होंने (एडीडीपी और एडीएपी) ने शानदार काम किया था और कई मामलों को खत्म कर दिया था जो नाडा के इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ था। हमारे पैनल ने 180 मामलों को खत्म किया था जो एजेंसी का रिकार्ड है। ’’ अग्रवाल ने हालांकि स्वीकार किया कि इस कदम में कई परिचालन संबंधित समस्यायें आयेंगी। उन्होंने कहा, ‘‘हम समझते हैं कि खिलाड़ियों को सुनवाई के लिये अपने घर में इंटरनेट की सुविधायें चाहिए। मैं जानता हूं कि इसमें कुछ सीमायें होंगी। हम इस पर काम कर रहे हैं और अपने स्तर पर हमने इंतजाम किये हैं। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘जब खिलाड़ी आडियो या वीडियो के जरिये उपलब्ध होगा, यह तभी किया जायेगा। मैं जानता हूं कि ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट बैंडविड्थ या इंटरनेट में परेशानी हो सकती है। हम ऑडियो रिकार्डिंग या कांफ्रेंस कॉल के जरिये भी ऐसा कर सकते हैं। ’’ नाडा ने पहले माना था कि लॉकडाउन के चलते परीक्षण करना मुश्किल हो रहा है। अग्रवाल ने कहा कि इसे तेज करने की ओर प्रयास किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘हम मंत्रालय से अनुरोध कर रहे हैं क्योंकि एनआईएस पटियाला और भारतीय खेल प्राधिकरण के बेंगलुरू परिसर बंद हैं जिनमें सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार किसी बाहरी व्यक्ति के अंदर जाने या किसी के बाहर आने पर रोक है। ’
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’ अग्रवाल ने कहा, ‘‘इसलिये हम इस मुद्दे को मंत्रालय के समक्ष उठा रहे हैं और हम जानना चाहेंगे कि क्या हमारे डोप नियंत्रण अधिकारी (डीसीओ) को सभी मंजूरी मिलने पर परीक्षण के लिये परिसर के अंदर जाने की अनुमति दी जायेगी या नहीं। ’’ उन्होंने कहा कि इसका एक पहलू डीसीओ के स्वास्थ्य का भी है। उन्होंने कहा, ‘‘हमें सुनिश्चित करना होगा कि डीसीओ में कोविड-19 महामारी के कोई लक्षण नहीं हों और वे पिछले 14 दिन में किसी मरीज के संपर्क में नहीं आये हों। ’’ अग्रवाल ने कहा, ‘‘संबंधित ट्रेनिंग केंद्र का प्रबंधन इसकी जांच कर रहा होगा। परिसर में जो भी बाहर से आ रहा हो, उसके तापमान की जांच करना समस्या नहीं होनी चाहिए। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारे डीसीओ को पहले ही सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करने की सलाह दी गयी है, उन्हें एथलीट से दो मीटर की दूरी बनाने को कहा गया है और साथ ही मास्क, दस्ताने और सैनिटाइजर के इस्तेमाल को बोला गया है।
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