BJP सांसदों को आरोप, कर्नाटक में पर्दे के पीछे से मुसलमानों को आरक्षण देना चाहती है कांग्रेस सरकार

निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पर्दे के पीछे से अन्य पिछड़े वर्ग (ओबीसी) की श्रेणी में मुसलमानों को आरक्षण देना चाहती है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि इसे रोकने के लिए कानून बनाया जाए।
भाजपा सदस्यों ने बुधवार को कर्नाटक सरकार के उस विधेयक को वापस लेने की मांग की, जिसमें सरकारी ठेकों में मुसलमानों को चार प्रतिशत आरक्षण दिया गया है। उनका तर्क है कि यह कदम देश के विभाजन के समान है। लोकसभा में शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए भाजपा सदस्यों निशिकांत दुबे और तेजस्वी सूर्या ने विपक्षी सदस्यों के विरोध के बीच कर्नाटक सार्वजनिक खरीद में पारदर्शिता (संशोधन) विधेयक को वापस लेने की मांग की।
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निशिकांत दुबे ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पर्दे के पीछे से अन्य पिछड़े वर्ग (ओबीसी) की श्रेणी में मुसलमानों को आरक्षण देना चाहती है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि इसे रोकने के लिए कानून बनाया जाए। संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि दुबे ने जो भावना व्यक्त की है, उस बारे में संबंधित मंत्रालय को अवगत करा दिया जाएगा। भाजपा सांसद दुबे ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कारण देश का धर्म के आधार पर बंटवारा हुआ था और अब फिर से जाति आधारित जनगणना और मुस्लिम आरक्षण के नाम पर यही किया जा रहा है।
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उन्होंने दावा किया, ‘‘पिछले दरवाजे से ओबीसी में मुस्लिम को जोड़ने की बात की जा रही है...सरकार से आग्रह है कि कानून बनाइए।’’ भाजपा सांसद तेजस्वी सूर्या ने भी कर्नाटक से संबंधित यह विषय उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य को धर्मनिरपेक्ष होना चाहिए, लेकिन कर्नाटक में ऐसा नहीं हुआ। सूर्या ने मुस्लिम आरक्षण का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र को इसे रोकने के लिए कानून बनाना चाहिए।
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