Maritime Security Meet: हिंद महासागर बहुत बड़ी संपदा, NSAडोभाल बोले- हमें सतर्क रहकर करना होगी रक्षा
अजीत डोभाल ने समुद्री सुरक्षा की अहमियत पर बल देते हुए कहा कि तेजी से बदलते हालात तथा बेहद जटिल और चुनौतीपूर्ण परिदृश्य में समुद्री क्षेत्र की सुरक्षा पर ध्यान देना आवश्यक है।
एनएसए अजीत डोभाल ने आज समुद्री सुरक्षा को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण नीतिगत मामलों पर चर्चा करने के लिए बहु-एजेंसी समुद्री सुरक्षा समूह की पहली बैठक में भाग लिया। बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा समन्वयक वाइस एडमिरल सेवानिवृत्त जी अशोक कुमार ने की। एनएसए अजीत डोभाल ने कहा कि हिंद महासागर हमारे लिए बहुत बड़ी संपत्ति है। सुरक्षा के मुख्य सिद्धांतों के साथ, हमारी कमजोरियां हमारी संपत्ति के सीधे आनुपातिक हैं। हम जितना अधिक विकास करेंगे, उतनी ही अधिक संपत्ति बनाएंगे, हम उतने ही समृद्ध होंगे और उतनी ही अधिक सुरक्षा की आवश्यकता होगी।
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अजीत डोभाल ने समुद्री सुरक्षा की अहमियत पर बल देते हुए कहा कि तेजी से बदलते हालात तथा बेहद जटिल और चुनौतीपूर्ण परिदृश्य में समुद्री क्षेत्र की सुरक्षा पर ध्यान देना आवश्यक है। डोभाल ने कहा कि मौजूदा भू-राजनीतिक घटनाक्रमों के मद्देनजर समुद्री सुरक्षा अधिक महत्वपूर्ण हो गयी है। उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक घटनाक्रमों को देखते हुए समुद्र अधिक महत्वपूर्ण हो गए हैं। बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा समन्वयक वाइस एडमिरल (सेवानिवृत्त) जी अशोक कुमार ने की। कुमार ने इस साल 16 फरवरी को देश के पहले राष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा समन्वयक के रूप में पदभार ग्रहण किया था।
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बैठक में केंद्र सरकार के प्रमुख मंत्रालयों, एजेंसियों और समुद्री मामलों से निपटने वाले सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। 13 तटीय राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के समुद्री सुरक्षा समन्वयकों ने भी इसमें भाग लिया। शीर्ष स्तर पर समुद्री सुरक्षा मामलों के समन्वय में सुधार के एक बड़े फैसले में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पिछले नवंबर में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में एनएसए के तहत एनएमएससी के पद के सृजन को मंजूरी दी थी।
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