मुख्तार अब्बास नकवी बीजेपी का वो मुस्लिम चेहरा जो दो पीएम की सरकारों में बनें मंत्री
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पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी भाजपा के अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले वरिष्ठ नेता हैं। वो उन चुनिंदा मंत्रियों में शुमार हैं जिन्हें एनडीए की दो अलग अलग सरकारों यानी अटल बिहारी सरकार और मोदी सरकार में मंत्री बनने का मौका मिला। नकवी मजबूती से पार्टी का पक्ष रखने के लिए जाने जाते है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता मुख्तार अब्बास नकवी 16 अक्तूबर को अपना 65वां जन्म दिन मना रहे है। मुख्तार अब्बास नकवी ने वर्ष 2022 में मोदी सरकार के मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिया था। 15 अक्तूबर 1957 को इलाहाबाद के फूलपुर तहसील के सराय ममरेज थाना क्षेत्र स्थित भदारी गांव में जन्में मुख्तार अब्बास नकवी भाजपा के दिग्गज नेताओं में शुमार हैं। ये उन चुनिंदा नेताओं में शामिल हैं एनडीए के दो अलग प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल के दौरान मंत्री बनाया गया। पहले ये अटल बिहारी सरकार और फिर मोदी सरकार पार्ट वन और पार्ट 2 दोनों में मंत्री के दौरान केंद्रीय मंत्री बनाए गए। वह भाजपा के अल्पसंख्यक समुदाय से आने वाले नेताओं में सबसे वरिष्ठ भी हैं। वह मजबूती से भाजपा का पक्ष रखते हैं।
शुरुआती शिक्षा ऐसे हुई हासिल
मुख्तार अब्बास नकवी ने आठवीं कक्षा तक की शिक्षा अपने गांव के पास बने परिषदीय विद्यालय मोहिउद्दीन पुर से हासिल की। इसके बाद प्रयागराज के सीएवी इंटर कालेज और यादगार हुसैनी इंटर कालेज से ही उनकी शिक्षा हुई। उच्च शिक्षा के लिए वो बरेली गए। खास बात रही की छात्र रहते हुए ही उनका राजनीतिक पेशे में उनकी रुचि दिखनी शुरू हो गई थी। नकवी महज 17 साल की उम्र में छात्र नेता बन गए थे। देश में वर्ष 1975 के दौरान जब आपातकाल लागू किया गया था तब मुख्तार अब्बास भी जेल गए थे। मुख्तार अब्बास नकवी समाजवादी नेता राजनारायण के खास थे, मगर समय बीतने के साथ उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया था।
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रामपुर से हासिल की पहली जीत
मुख्तार अब्बास नकवी ने पार्टी के निर्देश पर वर्ष 1998 में रामपुर से लोकसभा का चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। पहली बार किसी मुस्लिम चेहरे ने भाजपा की तरफ से संसद में एंट्री की थी। नकवी की काबिलियत को देखते हुए अटल बिहारी बाजपेयी की सरकार में उन्हें सूचना और प्रसारण राज्यमंत्री का पद मिला। वर्ष 2010 से 2016 तक राज्यसभा सदस्य रहे। भाजपा ने वर्ष 2016 में उन्हें झारखंड से राज्यसभा भेजा। नकवी को 26 मई 2014 को मोदी सरकार में अल्पसंख्यक और संसदीय मामलों का राज्यमंत्री बनाया गया। यही नहीं, उन्हें 26 जुलाई 2016 को नजमा हेपतुल्ला के इस्तीफे के बाद अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार मिला। 30 मई 2019 को नकवी को मोदी मंत्रिमंडल के दूसरे कार्यकाल का हिस्सा बनें और उन्हें अल्पसंख्यक मामलों का मंत्रालय सौंपा गया। बता दें कि वो संसदीय कमेटी के सदस्य रहे और कई संसदीय कमेटी के दल को विदेश भी लेकर गए हैं।
जानें परिवार के बारे में
बता दें कि मुख्तार अब्बास नकवी ने वर्ष 1983 में सीमा के साथ लव मैरिज की थी। जानकारी के मुताबिक दोनों की मुलाकात इलाहाबाद विश्वविद्यालय में पढ़ाई के दौरान हुई और दोनों एक दूसरे को पसंद करने लगे। दोनों की लवस्टोरी आसान नहीं थी, क्योंकि सीमा के परिवार को ये रिश्ता मंजूर नहीं था। हालांकि 3 जून साल 1983 में दोनों घर वालों की नाराजगी झेलने के बाद शादी के पवित्र रिश्ते में बंध गए। दोनों ने तीन तरह से शादी की, पहले दोनों की कोर्ट मैरिज हुई। इसके बाद दोनों ने निकाह किया और सात फेरे भी लिए। नकवी और सीमा का एक बेटा भी है।
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