मराठा आरक्षण संबंधी याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग पर SC ने लिया संज्ञान
महाराष्ट्र सरकार ने भी उच्च न्यायालय द्वारा पारित फैसले को चुनौती देने की उम्मीद करते हुए यह कहते हुए शीर्ष अदालत में एक प्रतिवाद दायर किया था कि राज्य का पक्ष सुने बिना उच्च न्यायालय के 27 जून के फैसले को चुनौती देने वाली किसी भी याचिका पर कोई आदेश पारित नहीं किया जाए।
नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय महाराष्ट्र में शिक्षा और सरकारी नौकरियों में मराठा समुदाय को आरक्षण देने संबंधी कानून को बरकरार रखने के बंबई उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करेगा। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की एक पीठ ने मराठा आरक्षण संबंधी याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग पर संज्ञान लिया। याचिका पर सुनवाई के लिए 12 जुलाई की तारीख तय की गई है। गैर सरकारी संगठन ‘यूथ फॉर इक्वलिटी’ के प्रतिनिधि संजीत शुक्ला ने यह याचिका दायर की है।
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Supreme Court today decided to hear on Friday a plea challenging the validity of the June 27 verdict of the Bombay High Court, giving its go ahead to the quota for the Maratha community in jobs and education in Maharashtra. pic.twitter.com/rGGdsYIgZS
— ANI (@ANI) July 8, 2019
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