चेन्नई ओपन WTA 250: फाइनल में हारीं Vaishnavi Adkar और Rutuja Bhosale, रचा इतिहास

डब्ल्यूटीए 250 चेन्नई ओपन के महिला युगल फाइनल में भारतीय जोड़ी वैष्णवी अडकर और ऋतुजा भोसले को हार झेलनी पड़ी। खिताबी मुकाबले में स्विट्जरलैंड की सिमोना वाल्टर और नाइमा करामोको ने उन्हें 6-2, 6-0 से हराया। इस परिणाम के बावजूद दोनों खिलाड़ी डब्ल्यूटीए टूर स्तर के युगल फाइनल में जगह बनाने वाली पहली पूर्ण भारतीय जोड़ी बन गई हैं।
चेन्नई, आठ नवंबर भारत की वैष्णवी अडकर और ऋतुजा भोसले को डब्ल्यूटीए 250 चेन्नई ओपन के महिला युगल फाइनल में रविवार को यहां हार का सामना करना पड़ा। स्विट्जरलैंड की सिमोना वाल्टर और नाइमा करामोको की जोड़ी ने एकतरफा खिताबी मुकाबले में भारतीय जोड़ी को 6-2, 6-0 से शिकस्त दी। इस हार के बावजूद वैष्णवी और ऋतुजा ने भारतीय महिला टेनिस में नया इतिहास रच दिया।
वे डब्ल्यूटीए टूर स्तर के युगल फाइनल में पहुंचने वाली पहली पूर्ण भारतीय जोड़ी बनीं। खिताबी मुकाबले में भारतीय जोड़ी स्विट्जरलैंड की खिलाड़ियों की आक्रामकता और बेहतरीन तालमेल का मुकाबला नहीं कर सकी। करामोको ने नेट पर शानदार खेल दिखाते हुए भारतीय खिलाड़ियों को लगातार दबाव में रखा, जबकि वाल्टर ने बेसलाइन से दमदार शॉट लगाकर उनका अच्छा साथ दिया।
भारतीय जोड़ी की राह उसकी कई सहज गलतियों और अहम मौकों को भुनाने में नाकामी ने भी मुश्किल बना दी। वाल्टर और करामोको जोड़ी ने मुकाबले की शुरुआत से ही आक्रामक तेवर अपनाए। वाल्टर ने बेसलाइन से खासकर बैकहैंड पर शानदार शॉट लगाए, वहीं करामोको ने नेट पर अपनी फुर्ती और सटीक शॉट से भारतीय खिलाड़ियों को परेशान किया।
वाल्टर के फोरहैंड विनर से स्विस जोड़ी को पहली बार ब्रेक प्वाइंट मिला। इसके बाद ऋतुजा का रिटर्न बेसलाइन के बाहर चला गया और भारतीय जोड़ी की सर्विस टूट गई। स्विट्जरलैंड की खिलाड़ियों ने भारतीय जोड़ी पर दबाव बनाए रखा।
करामोको ने अपनी सर्विस बचाकर टीम को 3-0 की बढ़त दिलाई। इसके बाद वाल्टर ने दो भारतीय खिलाड़ियों के बीच से करारा बैकहैंड विनर लगाया और फिर फोरहैंड शॉट से वैष्णवी को चकमा दिया। स्विस जोड़ी ने दूसरी ब्रेक का मौका भुनाकर स्कोर 4-0 कर दिया।
भारतीय जोड़ी ने पांचवें गेम में वाल्टर की सर्विस तोड़कर खाता जरूर खोला, लेकिन इसके बाद स्विस खिलाड़ियों ने कोई मौका नहीं दिया। करामोको नेट पर लगातार हावी रहीं और वाल्टर ने गलतियां करने से बचते हुए पहला सेट 6-2 से अपने नाम कर लिया। दूसरे सेट में भी मुकाबले की तस्वीर नहीं बदली।
ऋतुजा की डबल फॉल्ट और लगातार गलतियों का फायदा उठाकर स्विस जोड़ी ने शुरुआती बढ़त बना ली। करामोको ने नेट पर भारतीय खिलाड़ियों के रिटर्न को लगातार नाकाम किया। दूसरी ओर, वैष्णवी भी अपनी सर्विस नहीं बचा सकीं।
डबल फॉल्ट के बाद उनकी सर्विस टूटते ही भारतीय जोड़ी की वापसी की उम्मीदें लगभग खत्म हो गईं। स्विस जोड़ी ने दूसरा सेट 6-0 से जीतकर खिताब पर कब्जा जमा लिया। फाइनल में हार के बावजूद वैष्णवी अडकर और ऋतुजा भोसले का चेन्नई ओपन में सफर भारतीय महिला टेनिस के लिए बड़ी उपलब्धि रहा।
दोनों ने डब्ल्यूटीए टूर स्तर के युगल फाइनल में पहुंचने वाली पहली पूर्ण भारतीय जोड़ी बनकर इतिहास रचा। उनका यह प्रदर्शन देश में महिला युगल टेनिस के लिए भी उत्साह बढ़ाने वाला साबित हुआ।
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