By अंकित सिंह | Mar 24, 2025
कर्नाटक के सार्वजनिक ठेकों में मुसलमानों को आरक्षण देने के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच नोकझोंक के कारण सोमवार को दोपहर के भोजन से पहले के सत्र में राज्यसभा की कार्यवाही बिना किसी कामकाज के स्थगित कर दी गई। सत्तारूढ़ भाजपा सांसदों ने जहां कांग्रेस के एक नेता पर मुसलमानों को आरक्षण देने के लिए संविधान बदलने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया, वहीं कांग्रेस अध्यक्ष और विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि कोई भी ताकत बी आर अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान को नहीं बदल सकती।
सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस संविधान के टुकड़े-टुकड़े कर रही है। उन्होंने कहा कि अंबेडकर ने भारतीय संविधान बनाते समय स्पष्ट रूप से कहा था कि "धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं दिया जाएगा...यह भारतीय संविधान का एक स्वीकृत सिद्धांत है।" उन्होंने कहा कि अब कर्नाटक सरकार ने अल्पसंख्यकों को सार्वजनिक अनुबंधों में 4 प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया है, उन्होंने खड़गे से इस पर बयान देने की मांग की।
विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि बाबासाहेब अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान को कोई नहीं बदल सकता। आरक्षण को कोई खत्म नहीं कर सकता। इसे बचाने के लिए हमने कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत जोड़ो यात्रा की। वे (एनडीए सांसदों की ओर इशारा करते हुए) भारत को तोड़ते हैं। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, "मुस्लिम आरक्षण का मुद्दा उठाकर कांग्रेस ने बाबासाहेब अंबेडकर के संविधान की प्रतिष्ठा को धूमिल किया है। हिम्मत है तो आज ही उपमुख्यमंत्री का इस्तीफा मांगिए।"
सत्ता पक्ष की ओर से नारेबाजी के बीच सभापति जगदीप धनखड़ ने कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही भाजपा सांसद नारेबाजी करते हुए गलियारे में चले गए। धनखड़ ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू को बोलने का मौका दिया।