By अंकित सिंह | Mar 25, 2025
तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने मंगलवार को ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर अमीरों के लिए काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने पश्चिम बंगाल के लिए लंबित केंद्रीय कोष को लेकर सरकार की आलोचना की। भाजपा ने पलटवार करते हुए टीएमसी सांसद से उनके बयान के लिए माफी मांगने की मांग की। संसद के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए बनर्जी ने दावा किया कि मनरेगा और पीएमएवाईजी जैसी योजनाओं के तहत पश्चिम बंगाल के लिए केंद्रीय निधि पिछले तीन वर्षों से लंबित है।
पश्चिम बंगाल के सेरामपुर से सांसद ने आरोप लगाया, "शिवराज चौहान अमीरों के दलाल हैं... वे गरीबों के लिए काम नहीं करते और इसीलिए उन्हें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद से हटा दिया गया।" उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "उन्होंने हमें पिछले तीन वर्षों से धन नहीं दिया है। वे कह रहे हैं कि कुछ विसंगतियां हैं... (मनरेगा के तहत) 25 लाख फर्जी जॉब कार्ड हैं... हमने उनसे फर्जी कार्डों के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही आगे बढ़ाने को कहा है, लेकिन वे पश्चिम बंगाल के 10 करोड़ लोगों को धन से वंचित नहीं कर सकते।"
बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल को धन जारी नहीं किया गया क्योंकि भाजपा 2021 के विधानसभा चुनावों में राज्य जीतने में विफल रही है। उन्होंने दावा किया, "शिवराज चौहान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बंगाल के खिलाफ हैं। वे वहां सरकार बनाना चाहते हैं और असफल हो रहे हैं। वे वहां कभी सत्ता में नहीं आएंगे। भाजपा नेता कहते हैं कि बंगाल को धन मत दो।" हालांकि, कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बनर्जी को असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करने के लिए माफी मांगनी चाहिए।
चौधरी ने कहा, "यह अच्छी बात नहीं है, एक वरिष्ठ सांसद द्वारा इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करना उन्हें शोभा नहीं देता। प्रधानमंत्री मोदी 'सबका साथ, सबका विकास' के सिद्धांत पर काम कर रहे हैं। किसी भी राज्य के साथ कोई भेदभाव नहीं है और सभी को उनका हिस्सा मिल रहा है।" उन्होंने कहा, "दुर्भाग्य से पश्चिम बंगाल सरकार केंद्रीय योजनाओं के नाम बदल रही है और भ्रष्टाचार में लिप्त है। एक मंत्री के खिलाफ ऐसी भाषा का इस्तेमाल करना सही नहीं है। बनर्जी को माफी मांगनी चाहिए।"