By नीरज कुमार दुबे | Mar 25, 2025
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और हास्य कलाकार कुणाल कामरा के बीच शुरू हुआ विवाद लगातार गहराता जा रहा है। जहां शिंदे ने कहा है कि हर क्रिया की प्रतिक्रिया होती है वहीं कुणाल कामरा ने अपनी विवादित टिप्पणी के लिए माफी मांगने से इंकार करते हुए फिर से कई कटाक्ष कर दिये हैं। इस बीच, मुंबई पुलिस ने कुणाल कामरा को उनके खिलाफ दर्ज प्रकरण के सिलसिले में खार पुलिस के समक्ष पेश होने के लिए कहा है। पुलिस ने कहा है कि हमने कामरा को प्रारंभिक नोटिस जारी किया है। उनके खिलाफ मामले की जांच शुरू हो गई है। हम आपको यह भी बता दें कि इस पूरे प्रकरण में एकनाथ शिंदे के साथ जिस तरह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री समेत गठबंधन के तमाम नेता मजबूती से खड़े हुए हैं उससे उनके राजनीतिक कद में इजाफा हुआ है।
एकनाथ शिंदे की प्रतिक्रिया
वहीं एकनाथ शिंदे की ओर से कुणाल कामरा की विवादित टिप्पणी पर पहली प्रतिक्रिया की बात करें तो आपको बता दें कि उन्होंने उन पर किए गए कटाक्ष की तुलना ‘‘सुपारी लेकर किसी के खिलाफ बोलने’’ से की है। साथ ही उन्होंने कहा है कि कटाक्ष करते समय मर्यादा बनाए रखनी चाहिए, अन्यथा क्रिया की प्रतिक्रिया होती है। शिंदे ने कामरा की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है, लेकिन इसकी एक सीमा होनी चाहिए। हम आपको बता दें कि एकनाथ शिंदे ने बीबीसी मराठी कार्यक्रम में कहा, ‘‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता है। हम व्यंग्य को समझते हैं लेकिन इसकी एक सीमा होनी चाहिए। यह सुपारी लेकर किसी के खिलाफ बोलने जैसा है।’’ शिवसेना कार्यकर्ताओं द्वारा स्टूडियो में तोड़फोड़ किए जाने पर शिंदे ने कहा कि सामने वाले व्यक्ति को भी एक मर्यादा बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘अन्यथा क्रिया की प्रतिक्रिया होती है।’’ शिंदे ने कहा, ‘‘इसी व्यक्ति (कामरा) ने उच्चतम न्यायालय, प्रधानमंत्री, (पत्रकार) अर्नब गोस्वामी और कुछ उद्योगपतियों पर टिप्पणी की थी। यह अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं है; यह किसी के लिए काम करना है।’’
एकनाथ शिंदे का भाषण
हम आपको यह भी बता दें कि सोमवार को ही शिंदे ने महाराष्ट्र विधानसभा में भी जोरदार भाषण देते हुए कहा था कि उन्होंने अपने कॅरियर में शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे के '80 प्रतिशत सामाजिक कार्य और 20 प्रतिशत राजनीति' के सिद्धांत का पालन किया है। शिंदे की यह टिप्पणी राज्य विधानसभा द्वारा सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किए जाने के बाद आई है, जिसमें उन्हें इस महीने की शुरुआत में वारकरी (भगवान विट्ठल के भक्त) समुदाय के प्रतिष्ठित पुरस्कार 'आद्य जगतगुरु श्री संत तुकाराम महाराज पुरस्कार' प्राप्त करने पर बधाई दी गई थी। यह प्रस्ताव स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा द्वारा शिवसेना नेता शिंदे के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी को लेकर उठे विवाद के बीच आया है। संत तुकाराम के नाम पर पुरस्कार प्राप्त करने के लिए उन्हें बधाई देने वाले प्रस्ताव पर अपने जवाब में शिंदे ने कहा कि यह पुरस्कार राज्य की जनता का है और वह इसे जनता को समर्पित करते हैं। उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री के तौर पर मैंने जो काम किया, उसकी वजह से राज्य को भारी जीत मिली (भाजपा, शिवसेना और राकांपा वाली महायुति को)। हम लोगों के लिए काम करना जारी रखेंगे। हमारी जिम्मेदारी बढ़ गई है।" शिंदे ने कहा कि वह खुद को 'आम आदमी' मानते हैं।
कुणाल कामरा का बयान
वहीं ‘स्टैंड-अप कॉमेडियन’ कुणाल कामरा की बात करें तो आपको बता दें कि उन्होंने कहा है कि वह महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बारे में अपनी विवादास्पद टिप्पणियों के लिए माफी नहीं मांगेंगे। इसके साथ ही उन्होंने मुंबई में उस स्थान पर तोड़फोड़ किए जाने की आलोचना की, जहां ‘कॉमेडी शो’ रिकॉर्ड किया गया था। कुणाल कामरा ने सोमवार देर रात सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा किए गए बयान में कहा कि जो लोग सोशल मीडिया पर उनका नंबर लीक करने में व्यस्त हैं या उन्हें लगातार फोन कर रहे हैं, उन्हें पता होना चाहिए कि सभी अज्ञात फोन कॉल उनके वॉयसमेल पर जा रही हैं और उन्हें ‘‘वही गाना’’ सुनाई देगा जिससे वे नफरत करते हैं। कामरा ने लिखा, ‘‘मैं माफी नहीं मांगूंगा... मैं इस भीड़ से नहीं डरता और मैं अपने बिस्तर के नीचे छिपकर इसके शांत होने का इंतजार नहीं करूंगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैंने जो कहा, वह बिलकुल वैसा ही है जैसा कि अजित पवार (उपमुख्यमंत्री) ने एकनाथ शिंदे (उपमुख्यमंत्री) के बारे में कहा था।’’ कुणाल कामरा ने कहा कि आयोजन स्थल पर की गई तोड़फोड़ ‘‘बेवकूफी’’ है और यह ऐसा है कि मानो किसी ने टमाटर ले जा रहे ट्रक को इसलिए पलट दिया क्योंकि उसे परोसा गया ‘बटर चिकन’ पसंद नहीं आया। कामरा ने कहा, ‘‘उस भीड़ के लिए संदेश जिसने यह तय किया कि ‘हैबिटेट’ को नहीं होना चाहिए: कोई मनोरंजन स्थल केवल एक मंच होता है। यह सभी प्रकार के कार्यक्रमों के लिए एक स्थल होता है। मेरी ‘कॉमेडी’ के लिए ‘हैबिटेट’ (या कोई अन्य स्थल) जिम्मेदार नहीं है और मैं क्या कहता हूं या करता हूं, उस पर न तो किसी का नियंत्रण है और न ही किसी के पास यह ताकत है। न ही किसी राजनीतिक दल के पास यह ताकत है।’’ ‘कॉमेडियन’ ने ‘‘उन्हें सबक सिखाने की धमकी देने वाले नेताओं’’ की निंदा करते हुए भाषण और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अपने अधिकार के बारे में भी बात की। उन्होंने कहा, ‘‘किसी शक्तिशाली सार्वजनिक व्यक्ति पर किया गया मजाक सहने में आपकी असमर्थता मेरे अधिकार की प्रकृति को नहीं बदलती। जहां तक मुझे पता है, हमारे नेताओं और हमारी राजनीतिक व्यवस्था के सर्कस का मज़ाक उड़ाना कानून के विरुद्ध नहीं है। हालांकि, मैं अपने खिलाफ किसी भी वैध कार्रवाई के लिए पुलिस और अदालतों के साथ सहयोग करने को तैयार हूं।’’ कामरा ने कहा, ‘‘लेकिन क्या कानून उन लोगों के खिलाफ भी निष्पक्ष और समान रूप से लागू किया जाएगा जिन्होंने यह तय किया है कि मजाक से आहत होने पर तोड़फोड़ करना उचित प्रतिक्रिया है?’’
बीएमसी की कार्रवाई
हम आपको यह भी बता दें कि कुणाल कामरा ने खार इलाके में जिस स्टूडियो में यह कार्यक्रम किया था, उसका बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के अधिकारियों ने दौरा किया। ‘हैबिटेट स्टूडियो’ और ‘यूनिकॉन्टिनेंटल होटल’ में रविवार देर रात शिवसेना कार्यकर्ताओं द्वारा तोड़फोड़ किए जाने के एक दिन बाद बीएमसी ने यह दौरा किया। बीएमसी के एक अधिकारी ने कहा, “बेसमेंट की संरचना को अब तक ध्वस्त नहीं किया गया है। हमने उस बेसमेंट का माप लिया है, जहां स्टूडियो बनाया गया था। हमने होटल के खुले स्थान में एक अस्थायी संरचना को तोड़ दिया है।” वहीं कुणाल कामरा ने बिना किसी पूर्व सूचना के इस जगह को गिराने के लिए बीएमसी की आलोचना की। ‘कॉमेडियन’ ने कहा कि अपने अगले शो के लिए वह शायद ‘‘एल्फिंस्टन ब्रिज या मुंबई में किसी ऐसी अन्य संरचना’’ को चुनेंगे जिसे शीघ्र ध्वस्त किए जाने की आवश्यकता है। हम आपको बता दें कि मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण 125 वर्ष पुराने ‘एलफिंस्टन ब्रिज’ को तोड़कर उसकी जगह मध्य और पश्चिमी रेलवे लाइन पर एक नया ‘डबल डेकर’ पुल बनाने की तैयारी कर रहा है।
फडणवीस का बयान
हम आपको यह भी बता दें कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी कह चुके हैं कि स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा को उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के खिलाफ की गई अपमाजनक टिप्पणी के लिए माफी मांगनी चाहिए। फडणवीस ने यह भी कहा कि ऐसे निंदनीय कृत्यों का समर्थन करने वाले ‘अर्बन नक्सलियों’ और ‘वामपंथी उदारवादियों’ को सबक सिखाया जाएगा। उन्होंने राज्य विधानमंडल परिसर में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कामरा का यह कृत्य निंदनीय है।