हस्तशिल्प मेले में आना सुखद अनुभव

FacebookTwitterWhatsapp

By विजयेन्दर शर्मा | Mar 19, 2022

हस्तशिल्प मेले में आना सुखद अनुभव

चंडीगढ़ ।  सुरजकुंड मेले में राज्यपाल श्री बंडारू दत्तात्रेय ने अपने संबोधन में कहा कि हस्तशिल्प मेले में आना सुखद अनुभव है। इस बार के मेले का सहभागी देश उज्बेकिस्तान और थीम स्टेट जम्मू और कश्मीर है। उज्बेकिस्तान और भारत का सांस्कृतिक संबंध मजबूत है, फिल्मों में भी ये संबंध दिखा है।


राज्यपाल ने कहा कि जम्मू कश्मीर धरती का स्वर्ग है, पर्यटन और प्राकृतिक सुंदरता के लिए ये प्रदेश दुनिया में मशहूर है।यहां की कला और कलाकार दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं। मेले से ना केवल कलाकारों को सीखने को मिलेगा बल्कि निर्यातक और खरीददारों को आमने सामने आने का मौका मिलेगा।

 

इसे भी पढ़ें: दो साल के अंतराल के बाद सूरजकुंड शिल्प मेला का हुआ आगाज

 

सूरजकुंड मेले के उद्घाटन पर मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने कहा कि दुनिया के कलाकारों के लिए ये मेला सूरज के समान है। हस्तशिल्प वास्तव में एक कला है, केवल रंग या आकृति को गढ़ना ही नहीं बल्कि कलाकार मानव मन के भाव भरता है। मानव जीवन में हथकरघा और हस्तशिल्प का अहम योगदान है।

 

इसे भी पढ़ें: होली के पावन अवसर पर 23 और गांवों को ‘म्हारा गांव-जगमग गांव’ का तोहफा

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा की धरती ज्ञान की धरती है, हम युद्ध नहीं शांति की विचारधारा के समर्थक हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के एक भारत श्रेष्ठ भारत के आधार पर हम हरियाणा को चलाएंगे। हम इस मेले के माध्यम से आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ाएंगे। 

प्रमुख खबरें

मुसलमानों के लिए भाजपा की चिंता देखकर जिन्ना को भी शर्म आ जाएगी, उद्धव ठाकरे का सरकार पर तंज

Navratri पर कन्या पूजन से आती है घर में सुख, शांति एवं सम्पन्नता

Gyan Ganga: त्रिशूल लेने की परंपरा भगवान शंकर के द्वारा ही प्रारम्भ हुई

राहुल ने उठाया LAC का मुद्दा, अनुराग ठाकुर ने किया पलटवार, पूछा- चीनी अधिकारियों के साथ सूप पीने वाले लोग कौन थे?