Vinayak Chaturthi 2025: चैत्र अंगारकी विनायक चतुर्थी व्रत से होंगे कर्ज मुक्त

By प्रज्ञा पांडेय | Apr 01, 2025

आज चैत्र विनायक चतुर्थी है, इस दिन इन विशेष उपायों को करने से व्यक्ति को शुभ फलों की प्राप्ति होती है। विनायक चतुर्थी व्रत से जीवन में सुख-समृद्धि आती है तो आइए हम आपको चैत्र विनायक चतुर्थी की पूजा विधि के बारे में बताते हैं।


जाने चैत्र अंगारकी विनायक चतुर्थी के बारे में 

सनातन हिंदू धर्म में अंगारकी विनायक चतुर्थी का व्रत अत्यंत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। ये व्रत भगवान गणेश को समर्पित होता है। इस दिन श्रद्धालु व्रत रखते हैं और विधिपूर्वक विनायक चतुर्थी का पूजन करते हैं। पंडितों के अनुसार इस व्रत और पूजन से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं तथा जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है। 


प्रत्येक महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को अंगारकी विनायक चतुर्थी का व्रत करने का विधान है। इस साल 1 अप्रैल 2025 को अंगारकी विनायक चतुर्थी का व्रत पड़ रहा है। नवरात्र के दौरान पड़ने के कारण इस चतुर्थी व्रत का महत्व बढ़ जाता है। अंगारकी विनायक चतुर्थी के दिन श्री गणेश भगवान की उपासना करना, उनके मंत्रों का जप करना और उनके निमित्त विशेष उपाय करना आपके लिए बड़ा ही लाभकारी सिद्ध होगा। 


सनातन धर्म में शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि का विशेष महत्व है, क्योंकि ये दिन भगवान गणेश के पूजन और व्रत के लिए समर्पित होता है। भगवान गणेश को विघ्नहर्ता और शुभता के प्रतीक के रूप में पूजा जाता है। शुक्ल पक्ष की चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की पूजा करने से व्यक्ति के जीवन में सुख, समृद्धि और सौभाग्य की वृद्धि होती है। ये दिन खासतौर पर उन व्यक्तियों के लिए महत्वपूर्ण होता है जो किसी विशेष कार्य में विघ्न आ जाने या किसी परेशानी का सामना कर रहे होते हैं। व्रत के दौरान भगवान गणेश की आराधना की जाती है जिससे जीवन में सकारात्मकता बढ़ती है।


चैत्र अंगारकी विनायक चतुर्थी व्रत करें ये उपाय, मिलेगा लाभ 

पंडितों के अनुसार अपने जीवन में खुशहाली चाहते हैं, तो विनायक चतुर्थी के दिन अन्न में घी मिलाकर 108 आहुतियां दें। ये मंत्र हैं- वक्र तुण्डाय हूं।


इसके अलावा अगर आप चाहते हैं कि आपको अचानक बड़ा धन लाभ हो जाए तो विनायक चतुर्थी के दिन आपको नारियल के टुकड़े की एक हजार आहुतियां देनी चाहिए और साथ ही वक्रतुण्ड मंत्र का जप करना चाहिए। मंत्र है- वक्र तुण्डाय हूं। अगर आपको किसी भी कारणवश आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है तो विनायक चतुर्थी के दिन आपको पहले 1008 बार वक्रतुण्ड मंत्र का जप करना चाहिए। फिर भगवान का ध्यान करते हुए अष्टद्रव्यों में से किसी एक द्रव्य की 108 आहुतियां देनी चाहिए। उन अष्टद्रव्यों के नाम भी आपको बता दूंगन्ने का रस, सत्तू, केला, चिउड़ा, तिल, मोदक, नारियल और धान का लावा। विनायक चतुर्थी के दिन इस प्रकार वक्रतुण्ड मंत्र का जप करके किसी एक द्रव्य की आहुति देने से आपको हर तरह की आर्थिक समस्याओं से छुटकारा मिलेगा। 


ये उपाय किसी भी पक्ष की चतुर्थी से लेकर उसी पक्ष की अगली चतुर्थी तक किया जाता है। इसमें रोज 10 हजार मंत्रों का जप करके अष्टद्रव्यों में से किसी एक द्रव्य से 108 आहुतियां देनी चाहिए। लेकिन जो लोग इतना न कर पायें, वो विनायक चतुर्थी के दिन नवरात्र के दौरान केवल 1008 मंत्रों का जप करके किसी एक द्रव्य से 108 बार आहुति देकर भी लाभ पा सकते हैं।


चैत्र अंगारकी विनायक चतुर्थी का शुभ मुहूर्त 

चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरुआत 01 अप्रैल को सुबह 05 बजकर 42 मिनट पर होगी और 02 अप्रैल को देर रात 02 बजकर 32 मिनट पर समाप्त होगी। इस प्रकार 01 अप्रैल, मंगलवार को विनायक चतुर्थी मनाई जाएगी। इस तिथि‍ प्रीति योग का संयोग बन रहा है। इस योग का संयोग सुबह 09 बजकर 48 मिनट से हो रहा है, जो पूर्ण रात्रि तक है। इसके अलावा, भरणी एवं कृत्तिका नक्षत्र का भी संयोग है। भद्रावास योग शाम 04 बजकर 04 मिनट से देर रात 02 बजकर 32 मिनट तक है।

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चैत्र अंगारकी विनायक चुतर्थी व्रत का ऐसे करें पारण 

चैत्र विनायक चतुर्थी के व्रत का पारण करने के अगले दिन भी केवल सात्विक भोजन या फलाहार ही ग्रहण करें और तामसिक भोजन से परहेज करें। विनायक चतुर्थी का व्रत खोलने के लिए चंद्रमा दर्शन और पूजन करें। इस दिन अपनी मनोकामना के लिए पूजा-अर्चना करें।


चैत्र अंगारकी विनायक चतुर्थी ऐसे करें पूजा 

पंडितों के अनुसार सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। विनायक चतुर्थी के व्रत का संकल्प लें। भगवान गणेश की प्रतिमा को गंगाजल से स्नान कराएं। पंचामृत से स्नान कराएं। जल से स्नान कराएं। चंदन, रोली, कुमकुम और फूल चढ़ाएं। लड्डू और मोदक का भोग अर्पित करें। भगवान गणेश के मंत्रों का जाप करें। अंगारकी विनायक चतुर्थी व्रत कथा का पाठ करें। आरती करें और पूजा समाप्त करें।


चैत्र अंगारकी विनायक चतुर्थी का महत्‍व 

भगवान गणेश को प्रथम पूजनीय देवता के रूप में पूजा जाता है। हिंदू धर्म में विनायक चतुर्थी का व्रत बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, विनायक चतुर्थी के दिन व्रत-पूजन करने से भगवान गणपति प्रसन्न होकर अपना आशीर्वाद भक्‍तों को प्रदान करते हैं। भगवान गणेश की कृपा से घर में सुख-शांति और समृद्धि का वास बना रहता है तथा व्‍यक्‍त‍ि को ज्ञान और बुद्धि प्राप्त होती है। विनायक चतुर्थी के दिन जरूरतमंदों को वस्त्रों और अन्न का दान करना शुभ माना जाता है।


चैत्र अंगारकी विनायक चतुर्थी व्रत से जुड़ी पौराणिक कथा

शास्त्रों के अनुसार अंगारकी विनायक चतुर्थी से जुड़ी पौराणिक कथा का खास महत्व है, उस कथा के अनुसार एक बुढ़िया माई थी जो मिट्टी के गणेश जी की पूजा करती थी। लेकिन वो रोज मिट्टी के गणेश बनाए वो रोज गल जाए। एक बार उसके घर के सामने सेठ का मकान बन रहा था। वो मकान बनाने वाले कारीगर से जाकर बोली मेरे लिए पत्थर का गणेश बना दो। मिस्त्री बोले जितने हम तेरा पत्थर का गणेश घड़ेंगे उतने में हम अपनी दीवार ना चिनेंगे। बुढ़िया बोली राम करे तुम्हारी दीवार टेढ़ी हो जाए। ऐसा कहते ही उनकी दीवार टेढ़ी हो गई। अब वो जितनी बार दीवार चिनें और वो ढा जाए, चिने और ढा देवें। इस तरह करते-करते शाम हो गई। शाम को सेठ जी आये तो बोले आज कुछ काम नहीं किया।मकान बनाने वाले एक मिस्त्री ने सेठ जी को बताया कि एक बुढ़िया आई थी वो कह रही थी मेरा पत्थर का गणेश घड़ दो, हमने उसकी बात नहीं मानी तो उसने कहा तुम्हारी दीवार टेढ़ी हो जाए। बस तभी से हमारी दीवार सीधी नहीं बन रही है। बनाते हैं और ढ़ा देते हैं। सेठ ने बुढ़िया को बुलवाकर कहा हम तेरा सोने का गणेश गढ़ देंगे। बस हमारी दीवार सीधी कर दो। सेठ ने बुढ़िया के लिए सोने का गणेश गढ़ा दिया और सेठ की दीवार सीधी हो गई। हे विनायक जी जैसे सेठ की दीवार सीधी की वैसी सबकी करना।


चैत्र अंगारकी विनायक चतुर्थी व्रत के दिन ये खाएं 

अंगारकी विनायक चतुर्थी के दिन फल में केला, सेब, अनार, अंगूर खाने चाहिए। दूध, दही, पनीर, श्रीखंड आदि खाना चाहिए। साबूदाना की खिचड़ी या खीर खानी चाहिए। सिंघाड़े के आटे की पूड़ी या हलवा खाना चाहिए। आलू की सब्जी या टिक्की खानी चाहिए। मूंगफली के दाने या मूंगफली की चिक्की खानी चाहिए और नारियल पानी पीना चाहिए। इस दिन चावल, गेहूं, दालें आदि का सेवन करने से बचना चाहिए। प्याज, लहसुन, मांस और मदिरा का भूलकर भी सेवन नहीं करें। तली हुई चीजें नहीं खानी चाहिए।


चैत्र अंगारकी विनायक चतुर्थी के दिन ये करें

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन सात्विक जीवनशैली अपनानी चाहिए। इस दिन धार्मिक काम करने चाहिए। इस दिन भगवान गणेश को पूजा में दूर्वा चढ़ाना चाहिए। गरीबों और जरूरतमंदों को दान करना चाहिए। इस दिन किसी से वाद-विवाद नहीं करना चाहिए और किसी को दुख नहीं देना चाहिए। भगवान की पूजा में तुलसी नहीं चढ़ानी चाहिए एवं इस दिन चंद्रमा के दर्शन नहीं करने चाहिए।


चैत्र अंगारकी विनायक चतुर्थी पर इन चीजों का करें दान

चैत्र अंगारकी विनायक चतुर्थी के दिन फलों का दान करें। गरीबों और जरूरतमंदों को वस्त्रों और अन्न और धन का दान अवश्य करें। प्रसाद के रूप में मोदक दान दें।


- प्रज्ञा पाण्डेय

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