By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Nov 20, 2020
बल्हामा। वरिष्ठ भाजपा नेता एवं केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने शुक्रवार को यहाँ कहा कि पंथनिरपेक्षता, केंद्र की मोदी सरकार के लिए "वोट का सौदा" नहीं बल्कि "समावेशी विकास का मसौदा" है। "मोदी युग" "इकबाल, इंसाफ और ईमान" का युग है जहाँ समावेशी विकास और देश की सुरक्षा, समृद्धि प्राथमिकता है। जिला विकास परिषद चुनाव कैंपेनिंग के दौरान दूसरे दिन आज बल्हामा, श्रीनगर में जन सभा को सम्बोधित करते हुए नकवी ने कहा कि जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने दिल्ली के सत्ता के गलियारे से "कुनबे के करप्शन" को खत्म किया उसी तरह जम्मू-कश्मीर से भी "कुनबे के करप्शन" का सफाया होगा।
नकवी ने कहा कि "वंशवाद की राजनीति" के चंगुल से निकल कर आज जम्मू-कश्मीर “सर्वस्पर्शी विकास” के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। कई दशकों के बाद पहली बार जम्मू-कश्मीर के लोग पारदर्शी लोकतांत्रिक एवं विकास का बराबर का भागीदार-हिस्सेदार बने हैं। नकवी ने कहा कि 370 की आड़ में "वंशवाद की राजनीति" करने वालों ने जम्मू-कश्मीर के लोगों को विकास की मुख्यधारा एवं उनके अधिकारों से षड़यंत्र के तहत दूर रखा। भाजपा जम्मू-कश्मीर को खुशहाली के रास्ते पर आगे ले जाएगी।
नकवी ने कहा कि कांग्रेस का "गुपचुप" "गुपकार डिक्लेरेशन" देश के खिलाफ एक साजिश है। "गुपकार गैंग" जम्मू-कश्मीर के लोगों में भ्रम पैदा करने की साजिश कर रहा है लेकिन यह लोग अपनी इस साजिश में कभी कामयाब नहीं होंगे। "गुपकार डिक्लेरेशन", "डायनास्टिक एवं डिस्ट्रकटिव पॉलिटिक्स" के लिए "डाईंग डिक्लेरेशन” साबित होगा। नकवी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग ऐसे किसी अलायंस को स्वीकार नहीं करेंगे जो अलगाववाद-आतंकवाद को कश्मीर की तकदीर-तस्वीर बनाना चाहते हैं। नकवी ने कहा कि 370 की आड़ में जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में जनता के विकास के लिए दिए गए सरकारी धन की लूट मचाने वालों की "खानदानी गुरुर का पानदानी सुरूर चकनाचूर हो रहा है।" 370 के खात्मे के बाद जम्मू-कश्मीर के लोगों की लोकतांत्रिक प्रक्रिया एवं समावेशी विकास में बराबर की हिस्सेदारी-भागीदारी सुनिश्चित हुई है।
नकवी ने कहा कि 370 के हटाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के लोगों के "जर, जंगल, जमीन" के अधिकार पूरी तरह सुरक्षित हैं, मजबूत हैं। धारा 370 हटाए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर, लेह-कारगिल के लोगों के व्यापार, कृषि, रोजगार, संस्कृति, जमीन-संपत्ति आदि के अधिकारों को संपूर्ण संवैधानिक सुरक्षा दी गई है। नकवी ने कहा कि 370 हटने से पहले जम्मू-कश्मीर में रहने वाले पहाड़ी गुज्जर-बक्करवालों, पिछड़े-कमजोर तबकों को आरक्षण का लाभ नहीं मिला था; बंटवारे के बाद पाकिस्तान से जम्मू- कश्मीर आए विस्थापितों को 70 सालों बाद भी नागरिकता और वोट देने का अधिकार नहीं मिला था। 2019 में 370 का खात्मा कर केंद्र की भाजपा सरकार ने यह अधिकार दिलाये।