ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरीजा मे ने ब्रेक्जिट पर यूरोपीय संघ के साथ समझौते को संसद से पास न करा पाने की वजह से इस्तीफा दे दिया था। जिसके बाद अब बोरिस जॉनसन को प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई हैं। बार-बार विवादों में घिरने वाले बोरिस जॉनसन को भुला पाना जरा मुश्किल हैं। थेरेसा मे के कार्यकाल में कभी विदेश मंत्री रहे बोरिस जॉनसन को कंजरवेटिव पार्टी ने ब्रिटेन के अगले पीएम के तौर पर चुन लिया है और इसी के साथ ही विश्वभर में उनकी चर्चा की जा रही है।
ब्रिटेन के डोनाल्ड ट्रंप हैं बोरिस
बोरिस जॉनसन अमेरिका से काफी प्रभावित हैं और उन्हें ब्रिटेन का ट्रंप माना जाता है। इतना ही नहीं वह ट्रंप की तरह ही विवादित बयानों के लिए जाने जाते हैं। इतना ही नहीं उनके प्रधानमंत्री चुने जाने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बोरिस को फोन करके बधाई दी और कहा कि वो यूके में लोकप्रिय हैं क्योंकि लोग उन्हें वहां के ट्रंप के तौर पर देखते हैं।
विवादों में रहने वाले बोरिस पर इस्लामोफोबिया का आरोप लगता रहा है। साल 2018 में बोरिस ने द टेलीग्राफ पर एक कॉलम लिखा था। जिसमें उन्होंने लिखा कि जो महिलाएं बुर्का पहनती हैं, वे किसी लेटरबॉक्स या बैंक लुटेरों की तरह लगती हैं। बुर्का बैन को लेकर जॉनसन ने कहा था कि यह बहुत ही हास्यास्पद है कि लोग लेटर बॉक्स की तरह दिखते हुए सड़कों पर घूमना पसंद करते हैं। इसी तरह के कई सारे बयानों की वजह से वो अक्सर लोगों के बीच चर्चा का विषय बने रहते हैं।
गर्लफ्रेंड के साथ घर में शिफ्ट होंगे ब्रिटिश PM
बोरिस जॉनसन वैसे तो अपनी गर्लफ्रेंड के साथ साउथ लंदन में शिफ्ट हुए थे। लेकिन प्रधानमंत्री बनने के बाद वह 10 डाउनिंग स्ट्रीट में जा सकते हैं। बता दें कि 10 डाउनिंग स्ट्रीट किसी भी ब्रिटिश प्रधानमंत्री का आधिकारिक आवास होता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बोरिस जॉनसन की गर्लफ्रेंड कैरी साइमंड्स जो 31 वर्ष की हैं वो भी उनके साथ शिफ्ट होगी। आपको बता दें कि ब्रिटेन के इतिहास में यह पहली बार होगा कि कोई प्रधानमंत्री अपनी गर्लफ्रेंड का साथ डाउनिंग स्ट्रीट में शिफ्ट होगा।
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जब पत्रकार बोरिस को नौकरी से निकाला गया
पत्रकार, सांसद, मेयर, विदेश मंत्री से प्रधानमंत्री बने बोरिस जॉनसन को सन् 1987 में टाइम्स न्यूजपेपर में ट्रेनी रिपोर्टर के तौर पर नौकरी मिली थी और एक ही साल के भीतर उन्हें किग्स एडवर्ड द्वितीय और उनके संदिग्ध गे लवर के बारे में गलत कोट लिखे जाने की वजह से नौकरी से निकाल दिया गया था।
बोरिस जॉनसन ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट हैं और उन्होंने साल 2013 में बीबीसी को दिए इंटरव्यू में इस दिन को याद करते हुए डरावना दिन बताया और कहा कि इसकी वजह से मुझे आज तक शर्म और पछतावा महसूस होता है।
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एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के चलते पार्टी से निकाला गया
साल 2004 में बोरिस जॉनसन ने झूठ बोला था और मामला एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का था। इस बार बोरिस जॉनसन सांसद थे। इस वक्त जॉनसन शादीशुदा थे और उनकी दूसरी शादी हुई थी, जिससे उन्हें 4 बच्चे हुए थे। इसी बीच उनपर एक और महिला से पिछले 4 साल से रिश्ते रखने के आरोप लगे थे। जिसके बाद पार्टी के नेता माइकल हॉवर्ड ने बोरिस को व्यक्तिगत तौर पर पार्टी से निकाल दिया था।
अपने ऊपर लगे आरोपों से आहत हुए बोरिस ने कहा था कि यह बहुत ही अफसोस की बात है कि लोगों की निजी जिंदगी को भी राजनीति का मसाला बनाया जाता है। आपको बता दें कि उस समय बोरिस पर यह भी आरोप लगा था कि उन्होंने उस महिला से गर्भपात कराने की बात कही थी।