By अनन्या मिश्रा | Nov 18, 2023
सुप्रीम कोर्ट के सबसे यादगार चीफ जस्टिस में शुमार रहे रंजन गोगोई आज यानी की 18 नवंबर को अपना 69वां जन्मदिन मना रहे हैं। रंजन गोगोई द्वारा दिए गए अयोध्या केस, चीफ जस्टिस के ऑफिस को आरटीआई के दायरे में लाने, राफेल डील, सबरीमाला मंदिर से जुड़े ऐतिहासिक फैसले कई वर्षों तक याद रखे जाएंगे।
बता दें कि गोगोई 17 नवंबर 2019 में रिटायर हुए थे। अपने रिटायरमेंट के चंद दिनों पहले 9 नवंबर को रंजन गोगोई ने देश का सबसे बड़ा ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। यह फैसला जो आस्था से निकलकर राजनीति का मुद्दा बन चुके राम मंदिर का था। लेकिन अपने रिटायरमेंट से पहले गोगोई ने राम मंदिर के मुद्दे को फिर से आस्था के हाथों सौंप दिया। आइए जानते हैं उनके जन्मदिन के मौके पर रंजन गोगोई के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में...
इतिहास लिखने वाले जज
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई का जन्म डिब्रूगढ़ में 18 नवंबर, 1954 को हुआ था। हांलाकि उनके जन्म पर किसी ने शायद यह कल्पना भी नहीं की होगी, कि रंजन गोगोई के अध्यक्षता वाली बेंच ही 491 साल पुराने केस को अपने अंजाम तक पहुंचाएगी। साल 1978 में गोगोई पहली बार काउंसिल से जुड़े थे। जिसके बाद रंजन गोगोई ने बतौर सीजेआई 3 अक्टूबर 2018 को अपना कार्यभार संभाला था।
कॅरियर की शुरूआत
साल 2001 में रंजन गोगोई ने अपने कानूनी कॅरियर की शुरूआत गुवाहाटी हाईकोर्ट से की थी। उन वह बतौर जज नियुक्त हुए थे। फिर साल 2010 में वह पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायाधीश के तौर पर नियुक्त हुए। वहीं एक साल बाद साल 2011 में गोगोई को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त किया गया। फिर वह 23 अप्रैल 2012 में सुप्रीम कोर्ट के जज नियुक्त हुए।
सख्ती के लिए हैं फेमस
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व सीजेआई रंज गोगोई ना सिर्फ अपने निष्पक्ष फैसले बल्कि कर्मठता, कामकाज और सख्त तेवर के लिए भी काफी मशहूर हैं। हांलाकि चीफ जस्टिस बनने से पहले ही उनका सख्त तेवर वाला चेहरा सामने आ गया था। सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में उन्होंने पहली बार ऐसा किया था, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। दरअसल, इसके तहत कोर्ट में पूर्व जस्टिस मार्कंडेय काटजू को सुप्रीम कोर्ट में तलब किया गया।
बता दें कि केरल के एक बलात्कार कांड में काटजू ने कोर्ट के फैसले की जबरदस्त तरीके से आलोचना की थी। जिसके बाद काटजू को नोटिस जारी कर पेश होने का आदेश दिया गया था। हांलाकि इस पर जस्टिस गोगोई ने इस मामल पर वकीलों की दरखास्त कर उनको चेतावनी देकर जाने दिया था।
राज्यसभा के सदस्य
वर्तमान समय में रंजन गोगोई राज्यसभा के सदस्य हैं। लेकिन गोगोई राज्यसभा सदस्य के तौर ना तो वेतन लेते हैं और ना ही भत्ते लेते हैं। इसकी जगह पर वह सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के तौर मिलने वाली पेंशन और सुविधाएं लेते हैं। वह धार्मिक प्रवृत्ति के व्यक्ति हैं। रंजन गोगोई को हर माह 82,301 रुपए की पेंशन मिलती है।