By अभिनय आकाश | Mar 24, 2025
बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने सोमवार को नागपुर हिंसा के दो आरोपियों फहीम खान के घरों को गिराने पर रोक लगा दी। इनमें फहीम खान भी शामिल हैं। नागपुर बेंच ने प्रशासन को 'अत्याचार' के लिए फटकार भी लगाई। हाई कोर्ट द्वारा दोपहर में आदेश पारित करने से पहले खान के दो मंजिला घर को गिरा दिया गया, जबकि अधिकारियों ने अदालत के निर्देश के बाद दूसरे आरोपी यूसुफ शेख के घर के अवैध हिस्से को गिराने पर रोक लगा दी। दोनों ने सोमवार को इस तोड़फोड़ के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दायर कर तत्काल सुनवाई की मांग की थी। जस्टिस नितिन साम्ब्रे और वृषाली जोशी की खंडपीठ ने याचिका पर सुनवाई की।
मकान ढहाने से पहले मकान मालिकों की बात क्यों नहीं सुनी गई
पीठ ने सवाल किया कि मकानों के कथित अवैध हिस्सों को ढहाने से पहले मकान मालिकों की बात क्यों नहीं सुनी गई। पीठ ने कहा कि संपत्ति के मालिकों की बात सुने बिना ही कार्रवाई मनमानी तरीके से की गई। पीठ ने कहा कि अगर यह निष्कर्ष निकलता है कि ढहाने की कार्रवाई अवैध रूप से की गई थी तो अधिकारियों को हुए नुकसान की भरपाई करनी होगी, इंगोले ने दावा किया। भारी पुलिस सुरक्षा के बीच, नगर निगम के अधिकारियों ने सोमवार सुबह खान के घर को अनधिकृत निर्माण के लिए ढहा दिया। अधिकारियों ने 17 मार्च की हिंसा के केंद्र महल इलाके में यूसुफ शेख के घर के अवैध रूप से निर्मित हिस्से को हटाना शुरू कर दिया था।
खान की ओर से पेश हुए वकील अश्विन इंगोले ने कहा कि अदालत ने सरकार और नगर निगम अधिकारियों से जवाब मांगा है तथा मामले की अगली सुनवाई 15 अप्रैल को तय की है।